भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने शुक्रवार को एक फैसला किया है कि प्रचलित 2,000 रुपये के मूल्यवर्ग वाले बैंक नोटों को चलन से वापस लिया जाएगा। इस फैसले के अनुसार, सभी 2,000 रुपये के नोटों को 30 सितंबर, 2023 से पहले बदलना अनिवार्य होगा।
भारतीय रिजर्व बैंक ने एक परिपत्र के माध्यम से इस फैसले की घोषणा की है। इसमें उल्लेख किया गया है कि ये नोट वैध मुद्रा के रूप में जारी रहेंगे, लेकिन उन्हें तत्काल प्रभाव से बंद कर देना चाहिए। आरबीआई ने सभी बैंकों को सलाह दी है कि वे निर्धारित समय सीमा से पहले सभी 2,000 रुपये के नोटों को बदल दें। यह फैसला बैंकों को नोट वापसी की प्रक्रिया को प्रबंधित करने का जिम्मेदारी सौंपता है।
2,000 का नोट कितने दिन तक चला
2,000 रुपये का नोट भारतीय मुद्रा का एक मूल्यवर्ग रहा है। यह नोट 8 नवंबर 2016 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा देश में जारी किया गया था, जब भारत सरकार ने 500 रुपये और 1,000 रुपये के पुराने नोटों को बंद करने का ऐलान किया था। इसका मुख्य उद्देश्य धन प्रवाह को नियंत्रित करना और कालेधन को रोकना था।
2,000 रुपये का नोट भारतीय मुद्रा में उच्चतम मूल्यवर्ग का हिस्सा है और इसमें महत्वपूर्ण सुरक्षा फीचर्स शामिल हैं। इसमें रंगीन नए मुद्रा नोटों में देखने को मिलने वाली तकनीकी खूबियाँ हैं, जैसे कि वस्त्र के लिए उठाने पर एक श्रेणी के रंग दिखाई देती है, सुरक्षा के लिए वाटरमार्क, सेफ्टी थ्रेड, एमजी इंटैग्रेटेड सिक्योरिटी थ्रेड और दिखाई नहीं देने वाले इंजिनियर्ड नोट की तकनीक।
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